देश

यूजीसी के 2026 के समानता संबंधी नियमों की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित कर रही है: केंद्र सरकार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूजीसी के 2026 के समानता संबंधी नियमों की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित कर रही है: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने सर्वोच्‍च न्‍यायालय को बताया है कि वह उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- यूजीसी के 2026 के समानता संबंधी नियमों की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित कर रही है। न्यायालय ने कहा है कि सभी विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता का अर्थ है कि जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के भेदभाव के बिना सभी विद्यार्थियों को उचित व्यवहार, समान अवसर और भेदभाव से सुरक्षा मिले।

न्‍यायालय की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार विद्यार्थियों की चिंताओं को दूर करने और किसी भी वर्ग को उपेक्षित या असुरक्षित महसूस न हो यह सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार कर रही है।

न्यायालय ने इन याचिकाओं पर सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। उसने कहा कि विचार-विमर्श में युवा पीढ़ी का कल्याण और हित सर्वोपरि रहना चाहिए।

यूजीसी ने इस वर्ष जनवरी में 2026 के नए नियम अधिसूचित किए थे। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने नए नियमों के कुछ प्रावधानों को अस्पष्ट बताते हुए और उनके दुरुपयोग की आशंका जताते हुए उन पर रोक लगा दी थी। साथ ही, अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत 2012 के नियम फिर से लागू कर दिए थे।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।