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विनोबा भावे विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई 65 विशिष्ट उपाधियां

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई 65 विशिष्ट उपाधियां

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई 65 विशिष्ट उपाधियां, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को किया सम्मानित, एमएसएमई पर शोध करने वाली नीलम शर्मा को मिली पीएचडी की उपाधि, किसान पुत्र उदय मेहता ने भी लहराया सफलता का परचम।

Short Headline: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई 65 विशिष्ट उपाधियां

दीक्षांत समारोह, हजारीबाग, गौरव

विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग का 11वां दीक्षांत समारोह संपन्न

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को किया सम्मानित

एमएसएमई पर शोध करने वाली नीलम शर्मा को मिली पीएचडी की उपाधि

किसान पुत्र उदय मेहता ने भी लहराया सफलता का परचम

एंकर हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष गंगवार ने 65 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और विशेष सम्मान देकर सम्मानित किया, जबकि अन्य उपाधि प्राप्तकर्ताओं को कुलपति और अधिकारियों ने डिग्रियां प्रदान कीं।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों को उनके सामाजिक कर्तव्यों की याद दिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्रभूषण शर्मा ने संस्थान में चल रहे विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट कुलाधिपति के समक्ष पेश की।

वीओ 02. इस दीक्षांत समारोह में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाली छात्रा नीलम शर्मा ने प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित होकर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना MSME पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। वहीं, एक साधारण किसान परिवार से आने वाले छात्र उदय मेहता को भी पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया।

अंतिम वीओ उपाधि प्राप्त करने के बाद उत्साहित विद्यार्थियों ने एक सुर में माना कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और देश के विकास में योगदान देने का सबसे बड़ा संबल है।

हजारीबाग से गौरव प्रकाश की रिपोर्ट ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।