उत्तराखंड: देहरादून: 46 गांवों के बुक्सा जनजाति परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
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स्लग- बुक्सा जनजाति को योजनाओं का लाभ
Category- जनजातीय कल्याण / सरकारी योजनाएं
उत्तराखंड: देहरादून: 46 गांवों के बुक्सा जनजाति परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
एंकर- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह यानी पीवीटीजी के अंतर्गत आने वाले बुक्सा जनजाति के परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विकासनगर, सहसपुर और डोईवाला विकासखंडों के 46 गांवों में रह रहे बुक्सा जनजाति के परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं।
पीएम-जनमन योजना के तहत पात्र परिवारों को आवास, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभागों को पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित गांवों में पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बुक्सा जनजाति, जो उत्तराखंड के देहरादून जिले के 46 गांवों में वास करती है, एक पीवीटीजी (संकटग्रस्त वंचित वर्ग) के अंतर्गत आती है। सरकार ने इन परिवारों को केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए निर्देश जारी किए हैं। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बुक्सा समुदाय को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सेवाओं का पूर्ण लाभ मिलेगा। आम जनता के लिए इसका अर्थ है कि क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक समानता और समग्र सामाजिक स्थिरता में सुधार होगा।