मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:चुनाव हारते ही ट्रम्प की पार्टी में बगावत; सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत के 24 घंटे में पेशी जरूरी; धनतेरस पर सोना-चांदी महंगा
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नमस्कार, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रम्प की पार्टी में बगावत होने लगी है। रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहा है। आगे जानिए कि सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद शख्स की कोर्ट में पेशी पर क्या कहा… ⏰आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर नजर रहेगी… 1.
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल होने के मामले में सुनवाई होगी। 📰 कल की बड़ी खबरें… 1.
चुनाव में हार के बाद ट्रम्प की पार्टी में बगावत, राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की तैयारी में विपक्ष अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के बाद अब ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन में बगावत की स्थिति बन रही है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का इस्तीफे मांगा जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने ट्रम्प को ईरान पर हमले के लिए उकसाया, लेकिन युद्ध खत्म करने की कोई योजना नहीं बनाई।
इधर, विपक्ष ने भी राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके जरिए उन्हें पद से हटाया जा सकता है।डेमोक्रेट्स आरोप लगा रहे हैं कि ट्रम्प ने अपने पद का इस्तेमाल कर अपने करीबियों को फायदा पहुंचाया और संपत्ति जुटाई। इससे आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। संसद में बहुमत गंवाया, ट्रम्प के पास अब कितनी ताकत? 1.
कानून रोक सकते हैं: ट्रम्प संसद से पास किसी भी बिल पर वीटो लगा सकते हैं। डेमोक्रेट्स के पास वीटो को पलटने के लिए पर्याप्त वोट नहीं हैं। 2.
फैसले लागू कर सकते हैं: ट्रम्प सरकारी आदेश जारी कर सकते हैं, इमरजेंसी घोषित कर सकते हैं, एजेंसियों को निर्देश दे सकते हैं और विदेश नीति तय कर सकते हैं। 3.
माफी देने का अधिकार: ट्रम्प पद छोड़ने से पहले सहयोगियों को माफी दे सकते हैं। इस पर राजनीतिक विवाद हो सकता है। जो बाइडेन भी ऐसा कर चुके हैं। 4.
जज और अधिकारियों की नियुक्ति: रिपब्लिकन बहुमत वाली संसद के पास दो महीने हैं। इस दौरान ट्रम्प अपनी पसंद के जजों और अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दिला सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 2.
सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत के बाद 24 घंटे में पेशी जरूरी, देरी होने पर व्यक्ति को रिहा करना होगा सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के बाद उसे कोर्ट में पेश करने की 24 घंटे की समय सीमा को साफ किया। कोर्ट ने कहा- किसी व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सा
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar