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मैनपुरी में सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
मैनपुरी में सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल पर जोर

मैनपुरी में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की वर्ष 2026-27 की दूसरी अर्द्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी कार्यालयों में हिंदी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।बैठक की अध्यक्षता अग्रणी जिला प्रबंधक रामचन्द्र साहा ने की। मुख्य अतिथि गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय के उप निदेशक डॉ.

छबिल कुमार मेहेर ने अधिकारियों को सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति की ओर से विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने की भी बात कही।समिति की सचिव प्रियंका गुप्ता ने भी सभी कार्यालयों में हिंदी के अधिक इस्तेमाल की अपील की। बैठक में शामिल सदस्यों ने अपने-अपने कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।इस दौरान वर्ष 2026-27 में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को उपहार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

बैठक में समिति के 20 सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मैनपुरी में सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल पर जोर देने वाली बैठक का विषय है "भाषा नीति के तहत सरकारी कार्यों में हिंदी का प्रमुख स्थान"। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भाषा की समावेशिता बढ़ेगी और नागरिकों को सरकारी दस्तावेज़, फॉर्म और सूचनाएँ आसानी से समझने में मदद मिलेगी। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा: सरकारी सेवाओं तक पहुँच आसान होगी, स्थानीय भाषा में संवाद बढ़ेगा, और भाषा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।