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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने मनाया अपना 74वां स्थापना दिवस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने मनाया अपना 74वां स्थापना दिवस

रायपुर, 1 नवंबर 2026

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन – ईपीएफओ ने नई दिल्ली में 74वां स्थापना दिवस मनाया गया। वर्ष 1952 में स्थापना के बाद से ईपीएफओ ने एक वैधानिक भविष्य निधि संगठन से देश की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा संस्थाओं में अपनी जगह बनाई है। इस अवसर पर श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया मौजूद थे। श्रम मंत्रालय के सचिव चंद्र भूषण कुमार, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति के अलावा श्रमिकों, नियोक्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

श्री मांडविया ने कहा कि 74 वर्षों की यात्रा में ईपीएफओ देश के श्रमिकों के लिए एक भरोसेमंद संस्था बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि संगठन के आठ करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से 32 लाख करोड़ रुपये का कोष जमा हुआ है। यह ईपीएफओ के कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।

श्री मांडविया ने कहा कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करना जरूरी है और उनकी शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सीआईटीईएस 2.01 जैसी तकनीकी पहलों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और अधिकारियों से अंतिम व्यक्ति तक श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताए गए ‘पंच प्रण’ से प्रेरणा लेने की भी अपील की।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।