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कांकेर के 5 पुलिस जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से किया गया सम्मानित, नक्सल विरोधी अभियान में दिखाया था अदम्य साहस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
कांकेर के 5 पुलिस जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से किया गया सम्मानित, नक्सल विरोधी अभियान में दिखाया था अदम्य साहस

उत्तर बस्तर कांकेर: छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस अलंकरण समारोह 2026 में कांकेर जिले के पांच पुलिस जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से सम्मानित किया गया है। इन जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में प्रदेश के कुल 24 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाले जवानों में आरक्षक तरुण कुमार नेताम, ओम प्रकाश नेताम, डामेश्वर लाल रावटे, पंकज एड़े और राजकुमार यादव शामिल हैं।

दरअसल, 28 सितंबर 2025 को कांकेर थाना क्षेत्र के ग्राम छिंदखड़क के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया था। इस दौरान माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। पुलिस बल ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो पुरुष और एक महिला माओवादी मारे गए थे।

मृत माओवादियों की पहचान श्रवण मड़कम, जिस पर 8 लाख रुपये, राजेश हेमला, जिस पर 5 लाख रुपये और शांति कुंजाम, जिस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था, के रूप में हुई थी। घटनास्थल से तीन हथियार, एम्युनिशन, डेटोनेटर, वॉकी-टॉकी और अन्य नक्सली सामग्री भी बरामद की गई थी। इस मामले में कांकेर थाने में अपराध क्रमांक 355/2025 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना की गई थी।

कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने पदक से सम्मानित सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शौर्य पदक उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का गौरवपूर्ण सम्मान है। यह उपलब्धि केवल सम्मानित जवानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे कांकेर पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने कहा कि जवानों की यह उपलब्धि जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पूरी निष्ठा, समर्पण एवं साहस के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करेगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

कांकेर जिले के पाँच पुलिस जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से सम्मानित किया गया है। यह पदक नक्सल विरोधी अभियान में उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया गया है। यह विषय पुलिस बल की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में पुलिस की भूमिका को मान्यता देती है और समाज में सुरक्षा के प्रति विश्वास जगाती है। इससे आम जनता को यह संदेश मिलता है कि सरकार और पुलिस बल मिलकर क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं,

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

कांकेर के पाँच पुलिस जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से सम्मानित किया गया, जो नक्सल विरोधी अभियान में उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। यह सम्मान हमें याद दिलाता है कि समाज में शांति और सुरक्षा के लिए समर्पित कर्मी कितने महत्वपूर्ण हैं। हमें उनके प्रयासों को सराहना के साथ स्वीकार करना चाहिए और सभी को प्रेरित करना चाहिए कि वे भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाएँ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।