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जमशेदपुर के शीतला मंदिर में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सपरिवार किया कन्या पूजन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
जमशेदपुर के शीतला मंदिर में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सपरिवार किया कन्या पूजन

जमशेदपुर के भालूबासा शीतला मंदिर में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सपरिवार कन्या पूजन किया। कन्याओं को भोजन कराकर देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

Short Headline: जमशेदपुर के शीतला मंदिर में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सपरिवार किया कन्या पूजन

19 अक्टूबर, पूर्व सिंहभूम: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नवरात्र के महानवमी पर्व पर जमशेदपुर के भालूबासा स्थित शीतला मंदिर परिसर में सपरिवार कन्या पूजन किया। उन्होंने पत्नी रुक्मिणी देवी, पुत्र ललित दास और पुत्रवधू विधायक पूर्णिमा साहू के साथ कन्याओं की पूजा-अर्चना की और उन्हें अपने हाथों से भोजन कराया। इस दौरान परिवार ने माता रानी से सुख, समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।

इससे पहले रघुवर दास ने सपरिवार और अपने बंधु-बांधवों के साथ माता रानी के लिए हवन किया और आरती में भाग लिया। शीतला मंदिर हॉल में नौ कन्याओं के पूजन के साथ बड़ी संख्या में कन्याओं को भोजन भी कराया गया। परिवार के सदस्यों ने स्वयं कन्याओं को भोजन परोसकर इस धार्मिक परंपरा में भागीदारी निभाई।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वे प्रत्येक वर्ष शीतला मंदिर परिसर में सपरिवार कन्या पूजन करते हैं। उन्होंने कहा कि माता शीतला के आशीर्वाद से एक साधारण मजदूर को जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। रघुवर दास ने बताया कि उनका परिवार कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक शक्ति की साधना और उपासना करता है। महानवमी पर माता के नौ स्वरूपों का स्मरण करते हुए कन्याओं का पूजन किया जाता है और उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। उन्होंने माता रानी से प्रार्थना की कि परिवार, समाज और देश में सुख-समृद्धि बनी रहे तथा भारत विकसित हो और पूरे देश में खुशहाली आए।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शीतला मंदिर में परिवार के साथ कन्या पूजन किया, जिससे नवरात्रि के दौरान स्त्री-शक्ति का सम्मान हुआ। यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और पारिवारिक एकता का प्रतीक है। ऐसी सार्वजनिक पूजा से समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ती है। इसके अलावा, यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा देती है। जनता के लिए यह एक सकारात्मक संदेश है कि सरकार और नेता महिलाओं के अधिकारों को महत्व देते हैं, जिससे सामाजिक समरसता और विकास को

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।