धनतेरस पर दीपों से जगमगाईं गोरखपुर की तीन मंडियां
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धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को गोरखपुर की तीन मंडियां तीन हजार दीपों की रोशनी से जगमगा उठीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के तहत गोरखपुर, सहजनवां और चौरीचौरा मंडियों में दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान किसानों और व्यापारियों को सम्मानित किया गया।
साथ ही दुर्घटना सहायता योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक मदद भी दी गई।गोरखपुर के महेवा स्थित नवीन मंडी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक विपिन सिंह ने हिस्सा लिया। उन्होंने खेती और व्यापार के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले किसानों और व्यापारियों को शॉल और बीज के पैकेट देकर सम्मानित किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना के तहत किसान देव नारायण को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। मंडी परिसर को एक हजार दीपों से सजाया गया था।वहीं, सहजनवां मंडी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रदीप शुक्ला ने किसानों और व्यापारियों को सम्मानित किया। खेती के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले पांच किसानों और पांच व्यापारियों को शॉल और बीज के पैकेट दिए गए।
यहां भी एक हजार दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया गया।इसी तरह चौरीचौरा मंडी में नगर पंचायत अध्यक्ष सनी जायसवाल ने किसानों और व्यापारियों को सम्मानित किया। इस दौरान छह किसानों और पांच व्यापारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री खेत-खलिहान दुर्घटना सहायता योजना के तहत किसान संदीप यादव, उमेश कुमार और रविन्द्र निषाद को आर्थिक सहायता दी गई।
मंडी परिसर को भी एक हजार दीपों से सजाया गया।कार्यक्रम के दौरान भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की गई और किसानों, व्यापारियों व मंडी से जुड़े सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस आयोजन के जरिए स्वच्छता, किसानों के सम्मान और उनके कल्याण का संदेश दिया गया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
गोरखपुर की तीन मंडियों को धनतेरस पर तीन हजार दीपों से सजाया गया, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ पहल के अंतर्गत आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम किसानों और व्यापारियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है। इस प्रकार के दीपोत्सव से मंडियों की स्वच्छता और सौंदर्य बढ़ता है, जिससे व्यापार में वृद्धि और किसानों के मनोबल में सुधार होता है। जनता के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि कैसे सरकारी योजनाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
धनतेरस पर गोरखपुर की तीन मंडियों में दीपों की रोशनी ने न केवल त्योहार को उजागर किया, बल्कि समाज में एकजुटता और सहानुभूति की मिसाल भी पेश की। जब भी किसी विवाद या आर्थिक कठिनाई का सामना हो, तो शांत संवाद, कानूनी मार्ग और सहायक योजनाओं का सहारा लेना चाहिए। यह दीपोत्सव हमें याद दिलाता है कि सहकर्मी और किसान, दोनों को सम्मानित कर, समाज की समृद्धि और शांति को बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य है।