राज्य

बुसान- भारत और दक्षिण कोरिया समुद्री साझेदारी को मिली नई गति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बुसान- भारत और दक्षिण कोरिया समुद्री साझेदारी को मिली नई गति

अक्टूबर 27, नई दिल्ली: भारत और दक्षिण कोरिया के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम चर्चा हुई है। बुसान में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल के साथ कोरिया ओशन बिजनेस कॉरपोरेशन के CEO आन ब्योंग-गिल और हुंडई मर्चेंट मरीन के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जे वाई ली ने हिस्सा लिया।

बैठक में समुद्री वित्तपोषण, जहाज निर्माण, बंदरगाह बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही भारत की समुद्री विकास योजनाओं के तहत वधवन बंदरगाह, ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर, कंटेनर निर्माण और जहाजों के वित्तपोषण जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई।

HMM की ओर से भारत में अपना कारोबार बढ़ाने, भारतीय ध्वज के तहत जहाजों का पंजीकरण कराने और भारतीय निर्माताओं से कंटेनर खरीदने में रुचि का स्वागत किया गया। इस सहयोग से भारत के समुद्री क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। फोटो- X(@sarbanandsonwal)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए बुसान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, कोरिया ओशन बिजनेस कॉरपोरेशन के CEO आन ब्योंग-गिल और हुंडई मर्चेंट मरीन के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जे वाई ली ने हिस्सा लिया। इस चर्चा का मुख्य फोकस समुद्री वित्तपोषण, जहाज निर्माण, बंदरगाह बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स पर है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेगा। आम जनता को इससे नौकायन उद्य

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।