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BJP के मंत्री का सुझाव- इंटेलिजेंस जानना है तो देखें धुरंधर फिल्म, थरूर बोले- 'मैं सहमत नहीं'

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
BJP के मंत्री का सुझाव- इंटेलिजेंस जानना है तो देखें धुरंधर फिल्म, थरूर बोले- 'मैं सहमत नहीं'

भारत के सुरक्षा इंटेलिजेंस को जानने के लिए धुरंधर फिल्म देखने का सुझाव देने वाले अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी के राज्य मंत्री बालो राजा के बयान पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने राज्यमंत्री के बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि धुरंधर देखों, आपने क्या कहा? हां, मैंने देखा और मैं पूरी तरह सहमत नहीं हूं. प्रिय मंत्री जी कृपया धुरंधर पर मेरे विचार सुने.

शशि थरूर ने एक्स पोस्ट में इस बयान के साथ Dr. Shashi Tharoor Official यूट्यूब चैनल का एक वीडियो लिंक भी साझा किया है.

यह वीडियो शशि थरूर ने धुरंधर फिल्म देखते हुए, फिल्म की समीक्षा करते हुए बनाया है.

Watch Dhurandhar , did you say? Well, I did and I don't entirely agree.

Dear Minister, please hear my thoughts on Dhurandhar on @YouTube: https://t.co/jWZkVGU6nJ

Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 29, 2026

राज्य मंत्री बालो राजा का कहना है कि जब आप एक डीआईजी हैं तो ऐसे बयान क्यों देते हैं?

खुद को कमजोर क्यों समझते हैं. भारत मजबूत है. आपने देखा होगा. धुरंधर फिल्म के जरिए आप भारत के इंटेलिजेंस की ताकत को समझ सकते हैं.

बालो राजा का बयान उस पर आया है, जब ITBP के डीजी ने चीन के सैनिकों से बॉर्डर पर टकराव की स्थिति को स्वीकार करते हुए बयान दिया था.

ITBP के कमिश्नर कपूर ने क्या बयान दिया था?

दरअसल, पूरा विवाद उस घटनाक्रम के इर्द गिर्द है, जिसमें ITBP के कमिश्नर शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश की बॉर्डर के कई स्थानों पर आमना सामना की स्थिति बनी हुई है.

इस दौरान उन्होंने इन टकरावों को संभालने के लिए बनी शौर्य कमांडो टीमों की भूमिका की सराहना की थी.

इसके अलावा उन्होंने हथियारों और उपकरणों को आधुनिक बनाने और ड्रोन युद्ध सहित सुरक्षा से जुड़ी

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बाली राज्यमंत्री बालो राजा ने भारत की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था पर चर्चा के दौरान ‘धुरंधर’ फिल्म देखने का सुझाव दिया, जिसे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अस्वीकार किया। यह घटना राजनीतिक संवाद में मीडिया और सिनेमा के उपयोग पर प्रकाश डालती है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह दिखाती है कि कैसे सार्वजनिक नीतियों पर राय व्यक्त करने के लिए सांस्कृतिक संदर्भों का प्रयोग होता है और राजनीतिक नेताओं के बीच असहमति कैसे उभरती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग सुरक्षा विषयों को समझने के लिए सिनेमा को

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