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भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन कोलंबो से रवाना

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन कोलंबो से रवाना

अक्टूबर 30, नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1TS) के जहाज INS तीर, INS सुजाता और ICGS सारथी एक सफल पोर्ट कॉल (बंदरगाह यात्रा) पूरी करने के बाद 29 अक्टूबर को कोलंबो, श्रीलंका से रवाना हुए। इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना (IN) और श्रीलंकाई नौसेना (SLN) के बीच कई द्विपक्षीय गतिविधियां हुईं, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और समुद्री साझेदारी और मजबूत हुई।इस यात्रा के दौरान 1TS के वरिष्ठ अधिकारी ने जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों के साथ श्रीलंकाई नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र (Western Naval Area) के कमांडर से मुलाकात की।

इस बातचीत ने दोनों नौसेनाओं के बीच गहरे द्विपक्षीय संबंधों और समुद्री सहयोग को बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट किया।पेशेवर गतिविधियों के तहत 1TS के प्रशिक्षुओं ने त्रिंकोमाली स्थित नेवल एंड मैरीटाइम एकेडमी (NMA) का दौरा किया और वहां अपने श्रीलंकाई समकक्षों के साथ बातचीत की।

इसी तरह, NMA के श्रीलंकाई कैडेटों ने 1TS के जहाजों का दौरा किया और वहां उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। इन मुलाकातों से दोनों नौसेनाओं के प्रशिक्षुओं को अपने अनुभव साझा करने और आपसी पेशेवर तालमेल बढ़ाने का अवसर मिला।समुदाय से जुड़ने की अपनी पहल के तहत भारतीय नौसेना के कर्मियों ने समुद्र तट की सफाई (बीच क्लीन-अप) अभियान में हिस्सा लिया।

इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। इसके अलावा, जहाजों को स्थानीय लोगों और वहां रहने वाले भारतीयों (भारतीय प्रवासियों) के लिए भी खोला गया, जिससे उन्हें चालक दल (क्रू) से बातचीत करने और भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण एवं कामकाज के तरीकों को समझने का अवसर मिला।कोलंबो से रवाना होते समय 1TS के जहाजों ने श्रीलंकाई नौसेना के जहाज SLNS नंदीमिथ्रा के साथ एक पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX) में हिस्सा लिया।

इस अभ्यास से दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री युद्धाभ्यास में बेहतर तालमेल बना और उनके परिचालन समन्वय (Operational Coordination) तथा आपसी सहयोग की क्षमता (Interoperability) में वृद्धि हुई।यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करती है। साथ ही, यह क्षेत्रीय समुद्री सहयोग और क्षमता निर्माण के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी दोहराती है।

यह 'महासागर' (MAHASAGAR - Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के विजन के अनुरूप है। (Source: @indiannavy)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।