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आयुष्मान वय वंदना योजना के दो वर्ष पूरे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आयुष्मान वय वंदना योजना के दो वर्ष पूरे

आयुष्मान वय वंदना योजना के आज दो वर्ष पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अक्टूबर 2024 में इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को, उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के द्वारा मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य लगभग छह करोड़ पात्र बुजुर्गों को सम्मानजनक और मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसमें प्रत्येक पात्र परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। मंत्रालय ने बताया कि अब तक 23 लाख से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया है। इस पर पांच हजार 668 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

योजना के अंतर्गत सबसे अधिक 4 लाख 71 हजार मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए हैं। इसके बाद लगभग तीन लाख बार लंबे समय तक डायलिसिस की सुविधा दी गई। घुटना प्रत्यारोपण और गुर्दे से जुड़ी बीमारियों का इलाज भी प्रमुख उपचारों में शामिल है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि योजना के दायरे में सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों को शामिल करने से बुजुर्गों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च से राहत मिलती है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी वरिष्ठ नागरिक को जरूरी अस्पताल उपचार से वंचित न रहना पड़े।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

आयुष्मान वय वंदना योजना, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2024 में शुरू किया, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ देती है। इस योजना का उद्देश्य लगभग छह करोड़ वृद्ध नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकार की वृद्धावस्था स्वास्थ्य सुरक्षा नीति की प्रगति को दर्शाती है और समाज में वृद्धों के प्रति सहानुभूति बढ़ाती है। आम जनता पर इसका असर यह है कि वृद्ध नागरिकों को आर्थिक बोझ कम होग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।